पिता की रिहाई के लिए Tej Pratap ने लिखा राष्‍ट्रपति को पत्र, लेकिन ठीक से Lalu Yadav का नाम भी नहीं लिख पाए

देश में अनेक राजनेता है जो अपने गलतियों के कारण हमेशा सुर्खियों में रहते है.देश की राजनीति में बिहार का अमूल्य योगदान है.बिहार को भारत का बीमारू राज्य कहा जाता है.यहां पर लोगो कि जनसंख्या के हिसाब से काम नहीं है जिससे यहां पलायन सर्वाधिक है.लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी यह शिक्षा के नाम पर सभी पढ़े हुए लगते है.जब आप उनकी शिक्षा के बारे में गुणवत्ता की बात करेगे तो हैरान हो जाएंगे क्योंकि यह बुनियादी शिक्षा में काफी गलतियां है जिससे कोई भी अच्छे से नहीं सीख पाता है.आज आपको बिहार राजनीति के ऐसे नेता के बाते में बताएंगे जो स्थानीय राजनीति में चर्चित नाम है लेकिन शिक्षा में डब्बा गोल है.बिहार की राजनीति के सबसे बड़े नेता लालू प्रसाद यादव है.जिन्होंने राष्ट्रीय जनता दल पार्टी की सुप्रीमो रह चुके है.बिहार के मुख्यमंत्री भी रहे है.लेकिन फिलहाल में घोटालों के आरोप में सजा काट रहे है.उनका स्वास्थ्य काफी समय से सही नहीं चल रहा है

.बिहार राजनीति में लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव ने काफी पहचान बनाई है.हाल में अपने पिता की रिहाई के लिए उन्होंने राष्ट्रपति से चिट्ठी लिख कर गुहार लगाई है.इसके लिए उन्होंने स्वस्थ्य का हवाला दिया है.तेज प्रताप यादव की लिखी चिठ्ठी किसी ओर कारण से भी चर्चा का विषय बनी हुई है.इस चिट्ठी से हर कोई तेज प्रताप यादव को ट्रॉल कर रहा है.राष्ट्रपति को लिखे इस पत्र में उन्होंने 4 से 5 लाइन लिखी है.

इनमें उनके द्वारा गलतियों का अंबार लगा दिया गया है.यहां तक कि वो अपने पिता का नाम भी ठीक से नहीं लिख पाए है.आपको बता दे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहले बिहार के राज्यपाल थे.तेज प्रताप यादव जब बिहार विधानसभा की शपथ ले रहे थे तब उनके उच्चारण में अधिक गलतियां थी.इसलिए रामनाथ कोविंद ने उन्हें टोका था.अभी तेज प्रताप यादव ने वर्तनी वाली गलतियों कि चिठ्ठी लिखी है.

उनके द्वारा भेजा गया पोस्टकार्ड आजादी कार्ड के नाम से भेजा है.उन्होंने आदरणीय लालू प्रसाद की जगह “अपरनिय लालु प्रसाद लिख दिया.इसके बाद उन्होंने मसीहा को मसिहा लिखा.गरीबों को गरिवो और वंचित को बंचित लिखा.आपको बता दे लालू प्रसाद यादव का दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा है.हालत काफी गंभीर है.तेज प्रताप यादव 11 तक पढ़े हुए है फिर भी इसी गलतियां जैसे अनपढ़ हों.इससे उनका मजाक बनाया जा रहा है ।

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