सोनू सूद को पद्म अवॉर्ड ना मिलने पर भड़के शत्रुघ्न सिन्हा, सरकार पर साधा निशाना

दोस्तों कोरोना काल में देश के सभी दिग्गज कलाकारों को काम नहीं मिला और ना ही कोई फिल्म और प्लेटफोम मिला जिसकी बदौलत ये सभी अपने फेंस से जुड़े रहे,कोरोना काल में कुछ ही गिने चुने अभिनेताओं ने सामाजिक मदद की,मगर इससे ज्यादा कुछ नासमझ नेता अभिनेताओं ने खुद की टाँग ऊँची रखने के लिए भिन्न भिन्न प्रकार के वाद विवादों में अपना समय ख़राब किया,और ऐसे लोगो को बुद्धूजीवी लोगो ने नज़र अंदाज़ किया,तो कम अक्ल वालो ने फूल स्पोर्ट किया,दोस्तों हमें आप को नाम बताने जरुरत तो है नहीं क्यों के आप खुद जानते है की कोरोना कल से अब तक कितने ही नामचीन लोगो ने ऐसा किया है,अब ऐसे लोगो को शक्तिमान भी कुछ नहीं कर सकता.खैर जाने देतेहै ऐसे लोगो को.हम आगे बढ़ते है

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने सोनू सूद को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. शत्रुघ्न सिन्हा ने सोनू सूद को पद्म अवॉर्ड से सम्मानित न करने को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. शत्रुघ्न सिन्हा का कहना है कि सोनू सूद भारत के रियल हीरों हैं और उन्हें सम्मान न देकर सरकार ने गलत किया है.

शत्रुघ्न ने स्पॉटबॉय के साथ अपनी खास बातचीत में इस बात को कहा है, एक्टर ने कहा ”बताइए आप सोनू सूद का सम्मान नहीं किया. इससे अपमानजनक क्या हो सकता है? लॉकडाउन के दौरान सोनू सूद ने जिस तरह से प्रवासी मजदूरों के लिए काम किया था, वैसा उदाहरण देखने को नहीं मिलता. यदि सोनू सूद उनके काम को पहचान और सम्मान नहीं देती है तो फिर राष्ट्रीय पुरस्कारों का कोई महत्व नहीं रह जाता.’


उन्होंने कहा कि इसी तरह से एक्टर दिलीप कुमार को भी कोई भी राष्ट्रिय पुरस्कार नहीं दिया गया था. यह बात शर्मनाक है. इस दौरान शत्रुघ्न ने सोनू की तारीफ करते हुए कहा ”’हमारे फिल्मी हीरो तो स्क्रीन के ही हीरो हैं. ऑफ स्क्रीन तो वह मूकदर्शक ही हैं, जो पीड़ितों को सड़क किनारे मरते देखते रहते हैं. तमाशा देखने वाले हैं ये लोग, मैं तो यह कहूंगा कि सोनू सिर्फ हीरो नहीं हैं बल्कि सुपर हीरो हैं.’

शत्रुघ्न सिन्हा पहले खुद बीजेपी के सांसद रहे हैं. एक्टर ने 2019 में इस पार्टी को छोड़ दिया था. जिसके बाद से वो अक्सर बीजेपी के खिलाफ कई तरह के बयान देते है. वहीं इस पार्टी को छोड़ने के बाद एक्टर ने कोंग्रेस का दामन थामा और कोंग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ा, लेकिन उन्हें इसमें हार का सामना करना पड़ा.
किसान आंदोलन पर बॉलीवुड की चुप्पी पर भी शत्रुघ्न सिन्हा ने निशाना साधा था. सलमान खान के रिएक्शन पर भी उन्होंने बयान दिया था. बिहारी बाबू ने इसपर अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि ‘ये लोग राग दरबारी हैं. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तो है लेकिन भय, दबाव, जोर, घबराहट की वजह से लोग बयान देते हैं. अगर ये लोग पहले बोलते तो अच्छा होता. ये राग दरबारी या राग सरकारी लोग हैं. उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि कल दूसरी सरकार भी आ सकती है.

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