‘आंदोलन था मंडियों का, बन गया *** का’: डियर कपिल मिश्रा, आपसे बस इतनी ही उम्मीद थी

कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इस पूरे मसले पर दो पक्ष हैं, एक पक्ष किसान आंदोलन का समर्थन कर रहा है तो दूसरा पक्ष इस आंदोलन के खिलाफ है और इसे आढ़तियों का आंदोलन बता रहा है। सोशल मीडिया पर लोग किसान आंदोलन को लेकर अलग-अलग तरह के मजाक और मीम शेयर कर रहे हैं। लेकिन भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने किसान आंदोलन को लेकर ऐसा ट्वीट किया जिसके बाद वह विवादों में आ गए।

कपिल मिश्रा के विवादित ट्वीट पर जब फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने प्रतिक्रिया दी तो कपिल मिश्रा ने स्वरा के चरित्र पर ही सवाल खड़े कर दिए।

दरअसल कपिल मिश्रा ने ट्वीट करके लिखा, ‘आंदोलन था मंडियों का, बन गया..’। कपिल के इस ट्वीट पर जवाब देते हुए स्वरा ने लिखा घटिया लोग! ओछे लोग! दिमाग में गटर! शेम।

स्वरा के इस ट्वीट पर कपिल मिश्रा ने पलटवार करते हुए स्वार के चरित्र पर ही सवाल खड़ा कर दिया। कपिल ने ट्वीट करके लिखा, मैंने तो पाखंडी शब्द सोचा, फिर लगा किसी को बुरा ना लगे तो वो भी बिना लिखे छोड़ दिया, गंदी किसके दिमाग में हुई, ये सब दिमाग में उंगली करने का नतीजा है।

यहां शायद कपिल मिश्रा 26 जनवरी के दिन कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा लाल किले पर लहराए गए निशान साहिब के झंडे की बात कर रहे हैं. उसे पवित्र बता रहे हैं. और उसके बरक्श सेक्स और कामुकता जैसे शब्दों को रख रखे हैं. इन शब्दों को किसान आंदोलन का समर्थन करने वालीं रिहाना, ग्रेटा और मिया खलीफा से जोड़ रहे हैं. मतलब यही है कि ये हस्तियां अपवित्र टाइप की हैं. गोया सेक्स और कामुकता कोई क्राइम है. एक ऐसे देश में जिसकी संस्कृति में अजंता और एलोरा की मूर्तियों और कामसूत्र जैसे ग्रंथ की छाप है, वहां इसे अपवित्रता से जोड़ना समझ से परे है. और अगर संस्कृति को जाने दें, तो भी क्या सेक्स करना और अपनी सेक्सुअलटी प्रदर्शित करना कोई अपराध है? और वैसे भी कपिल मिश्रा की भाषा में जो कुंठा दिख रही है. उसे देखकर ऐसा ही लग रहा है कि आठवीं-नौवीं क्लास के किसी लड़के ने नया-नया सेक्स जोक मारना सीखा है. जिसे वो ‘नॉन-वेज’ जोक कहता है. ट्वीट पर नजर डालि

यह पहली बार नहीं है जब कपिल मिश्रा ने इस तरह का ट्वीट किया है। इससे पहले भी कपिल मिश्रा अपने विवादित भाषण और ट्वीट की वजह से सुर्खियों में रह चुके हैं। इससे पहले कपिल मिश्रा किसान आंदोलन को लेकर ट्वीट किया था, सेक्स, कामुकता, नंगई और हवस की गोद में ले जाकर बिठा दिया फ़र्ज़ी किसान आंदोलन को, एक हफ्ते पहले एक अत्यंत पवित्र निशान इस आंदोलन का प्रतीक बनाकर लहराया गया था और आज ? यही नहीं मिया खलीफा ने जिस तरह से किसान आंदोलन को लेकर ट्वीट किया था, उसपर कपिल मिश्रा ने ट्वीट करके लिखा था कि अब आंदोलन भी खड़ा करेगी मिया खलीफा।
वैसे अपनी बयानबाजी के बाद कपिल मिश्रा का माफी मांगने का भी इतिहास है. पिछले साल 29 अक्टूबर को उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन से बिना शर्त माफी मांगी थी

मिश्रा ने साल 2017 में सत्येंद्र जैन और अरविंद केजरीवाल पर दो करोड़ की घूस के लेन-देन का आरोप लगाया था. इसके बाद जैन ने उनके ऊपर मानहानि का मामला दर्ज कराया था


कपिल मिश्रा के हालिया रवैये को देखते हुए, हमें उम्मीद नहीं है कि वे अपने इन महिला विरोधी ट्वीट्स के लिए माफी मांगेगे. अगर हम गलत साबित होते हैं, तो बड़ा आश्चर्य होगा. फिलहाल यह प्रार्थना कर रहे हैं कि कपिल मिश्रा को सद्बुद्धि मिले.

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